P

मानव ही लाया हर युग मे नया सवेरा!!

Composed this poem from inspired former PM ATAL BIHARI BAJPAI Ji....... 🙏
अगर हो जीने का हौसला,
तो अंधेरा भी उजियारा मे समा जाता है!
ज़ब चलने का बना ही लिया हो इरादा,
तो बुरे से बुरा मंजर भी टल जाता है!

भटके हुए राही को मंजिल भी मिल जाती है,
ज़ब हिम्मत हो बुलंद, तो जिंदगी भी,
तुम्हरा बाहें खोलकर इंतजार करती है!
नर तो क्या पक्षी भी,
उड़ने के लिए एक नई सुबह की राह देखते है,
मुश्किल वक्त ही तो है,
जो तुम्हारे हौसले का बेसब्री से इम्तिहान लेता है!
सूर्य के प्रकाश की किरणे,
जाती है ज़ब अंधकार को चीरने,
तो मात्र अंधकार ही नहीं,
ब्रह्माण्ड के समस्त विषाक्त जीव भी मर जाते है!
इतिहास है गवाह अतीत मे,
कितना ही खतरा मानव जाति पर मंडराया,
हर युग-युग मे लाया है,
मानव ही मानव मे एक नया सवेरा!
नर-नर की एकता मे है,
कुछ प्रकाश वो ऐसा,
कीट-पतंगें तो क्या,
घोर अंधकार दूर-दूर तक नजर नहीं आता!

निराश मत हो,
जीने की आशा छोड़ने वालो,
बहुत लम्बा समय है अभी तो,
इम्तिहान को जितने वालो !!
दो तुम बदल, निराशा को आशा मे,
दो तुम हौसला, मानव का मानव मे,
क्यूकी हर युग मानव ही लाया,
एक नये युग का नया सवेरा!!
©priyagupta