A

मौसम और तू

बड़े दिनों बाद मौसम में रवानगी सी है
बूढ़ा पड़ा था दिल मेरा, पर आज ताजगी सी है।
वैसे तो मुझे शिकवा नहीं है तुझसे जिंदगी,
पर फिर भी लगता है कसर जरा सी है।
मौसम सर्दी का उसपर बादल की चादर आ जाएगी,
थोड़ी देर सबर करो बारिश भी आ जाएगी,
पकोड़े भी बनवा लूंगा, चाय भी आ जाएगी
पर इस मौसम में तू होगी, जान सी आ जाएगी।
अरुण की कलम से✍️✍️✍️✍️
©arun1690