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मेरा नन्हा सा फरिश्ता

घर की खुशी नन्ना फरिश्ता
प्रांजश खुशियों का घर
बचपन की एक शुरुआत
फिर से जीवन को जीने का
एक नया इतिहास फरिश्ता
कुछ तो फरिश्ते होते हैं
जिंदगी के सफर में हर
कहीं ना कहीं तो मिला
एक अनजान शख्स
जो बन जाता है फरिश्ता
सुबह हो या शाम अनजाने
मोड पर मिलता है फरिश्ता
कभी तुम आवाज देना दिल से
वह फरिश्ता आसपास है
शायद फरिश्ता कहूं या
दिल की आवाज मेरे
कभी अनजान में सोचना
कहां से आते हैं फरिश्ते
पुकार दिल की मन से है
हर शख्स एक फरिश्ता
रोम रोम प्रफुल्लित
अंजाना ही सही एक
पहला फरिश्ता मां है
जिस की दुआओं में मै हूं
दूसरे पिता है मेरे फरिश्ते
©lawnishtha