D darshan_y1 hi 23 जुलाई 2025 मेरे एहसास सोच रहा हूं गालिब ही बन जाउ, आशिक़ बनके देख ली हमने।वाह वाह तो तब भी होती थी, लेकिन फर्क इतना था कि वहां चर्चे मेरे मोहबत्त की थी , लेकिन अब चर्चे मेरे बिगड़ने के है। ©darshan_y1