N

मेरी आंतरिक दुनिया बहुत गहरी है, जहाँ खामोशियों में भी बात ठहरी है। कुछ अधूरे…

मेरी आंतरिक दुनिया बहुत गहरी है,
जहाँ खामोशियों में भी बात ठहरी है।
कुछ अधूरे सपने, कुछ मीठी यादें,
दिल के कोनों में छुपी अनकही फरियादें।
बाहर से मुस्कान, भीतर एहसासों का समंदर,
यहीं बसता है मेरा अपना सुंदर-सा अंदर।
आंतरिक दुनिया बहुत खूबसूरत होती है,
यहीं आत्मा चुपके से खुद से मिलती है।
जो समझ ले इस मन की गहराई को,
वही छू पाए इस भीतर की सच्चाई को।