मेरी बीबी बड़ी निराली;
लगते हैं जैसे प्रेम की प्याली;
चूसकी ले ले खुब पीता हूं,
प्याली बिन खाली हाँथ नहीं आता हूं!
बनती है जब ठनती है,
मुझे पास वह बुलाती है;
गुलाबी होठों से मधुरस,
भँवरे को खुब पिलाती है!
बीबी की तनवदन लगते मधुशाला,
मन करता हर वक्त पीता रहूं हाला;
मधुवन के गुलवदन लगते किरणों से भी प्यारी,
जी करता देखता रहूं मधुवन की सुन्दरता सारी!
मीठ वचन ते बोल के मेरी बीबी,
ले लेती है हमसे खुशियाँ सारी;
कभी हँसाती,कभी रूठाती है,
कुची-कुची कर खुब मुझे हँसाती है!
प्रातःकाल मेरी बीबी जब जगती है,
बड़े प्यार से 'ओ जी!'कहकर मुजे उठाती है;
कोमल-कोमल हाँथों को आगे कर मेरी बीबी,
मुलायम गालो को छुकर,चुंबन कर अपने कामों में लगजाती है!
©skmahto
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