साथ में खड़े, हँसते हुए
बिन शब्दों के भी समझते हुए
कभी हार में, कभी जीत में
एक दूजे का हाथ थामे
झगड़े भी हैं, मनाई भी है
प्यार की डोर कभी न टूटी
चाहे दुनिया उलट जाए
मेरा मित्र मेरे साथ है
साथ में खड़े, हँसते हुए
बिन शब्दों के भी समझते हुए
कभी हार में, कभी जीत में
एक दूजे का हाथ थामे
झगड़े भी हैं, मनाई भी है
प्यार की डोर कभी न टूटी
चाहे दुनिया उलट जाए
मेरा मित्र मेरे साथ है