मेरी दुनिया के रंग भी कितने खास हैं,
जहाँ मेरे सुपरहीरो हैं — नेताजी सुभाष चंद्र बोस,
जिनकी हिम्मत मुझे हर दिन आगे बढ़ना सिखाती है।
मेरे हाथों में अक्सर होती है एक प्याली चाय,
जिसकी हर घूंट में सुकून बस जाता है,
और मन को एक नई ऊर्जा मिलती है।
मुझे सबसे प्यारा लगता है जाड़े का मौसम,
जब ठंडी हवा चेहरे को छूकर कहती है —
"धीरे चलो, हर पल को महसूस करो।"
और जब कहीं दूर से बजता है
"रिमझिम गिरे सावन",
तो दिल भी उसी बारिश में भीगने लगता है,
ख्वाबों की हल्की-हल्की फुहारों में खो जाता है।
यही चार चीजें मिलकर बनाती हैं
मेरी एक प्यारी-सी दुनिया,
जहाँ हौसला, सुकून, ठंडक और संगीत
सब एक साथ मुस्कुराते हैं
N