H

मेरी एक मोहब्बत जो मैं बयां न कर सका

लेखक - हिमांशु पन्त
एक प्यारी सी लड़की थी जिंदगी मे,
बात होती थी उस से खुशनुमा
पर मैं उस से अपनी एक मोहब्बत को बयां न कर सका!
पहली बार देखा उसको तो कुछ अपना सा एहसास हुआ जीत लूंगा दिल उसका खुद पर इतना विस्वास हुआ,,
कोशिश उसको अपना बनाने की थी,, उस से अपना दिल लगाने की थी,, कैसे बताऊ उसे दिल का हाल बाते दिलो की उसको समझाने की थी !!
फॉलो तो हर जगह कर लिया था,, उसके विश्वास और हाथ को पकड़ लिया था
उसकी अदाओ ने मुझे हर तरफ से जकड़ लिया था !!
प्यार मैं उस से कितना करता कभी ये उसे नहीं बता पाया,, तमाम कोशिश के बाद भी मैं उसे अपना नहीं बना पाया !!
क्योंकि मुझे डर था उसे खोने का,, इसलिए कभी उसे जताया नहीं
प्यार कितना करता हु उस से कभी उसे बताया नहीं !!
अब वो किसी और की है,, अब वो मेरी अमानत नहीं
मुझे मिली ऐसी सजा जिसकी कोई जमानत नहीं
वो बेचारा मेरा प्यार मुझ पर अब चाहा के भी दया न कर सका
मेरी एक मोहब्बत अधूरी रह गयी जिसको मैं बयां न कर सका 😢😢😢😢😢😢
©himanshup