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मेरी मंजिल

तेरे वादे तो सब दिखावे है तुझे कुछ फर्क नही पड़ता मेरी बातो से✍️✍️✍️
दिन निकल जाता हैं ना जाने कैसे, वर्दी कि खातिर अब लड़ना पड़ता है रातों से ✍️✍️✍️
©10112004