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मेरी प्रतिछाया 🥺?

मेरी प्रतिछाया 🥺?
तुम्हे जो देख लिया डर नही फिर किसी बात का ।
तुम्हे जो पा लिया चाहत नहीं फिर किसी और कि ।
गुज़रे हुए लम्हे बड़े खूबसूरत थे ।
आज वो लम्हे यादो में सिमट गये ।
मेरी प्रतिछाया थे तुम ।
आज वो प्रतिछाया सिर्फ यादे बनकर रह गयी।
अब हम तविल शबो मे भी खुश है और सुनहरे प्रभात में भी ।🙂
बस उम्मीदें है जिंदा इस दिल में आज भी ।
दुनिया इधर से उधर हो जायेगी मगर मेरा विश्वास कभी डगमगाएगा नही।