!! बल गीतों की गीतांग मी त्वे पर लिखलु,,
तु कन भली मिजाजा मी त्वेते बतोलु !!
!! तेरी सुरम्याली सी आँखि अर तड़तड़ी सी नाकि
तु कन स्वाणी लगदी मी त्वेते बतोलु !!
!! तेरी कनदूड़ीयो मा झुमकी कनि झूम झूम झूमदि
तेरा होंठ कन गुलाब सी त्वेते बिंगोलु !!
!! तेरी बराबर की दांती जन आरी न रमोछि होली
तेरी चौंठी मा कु तिल,, ग्लोड़ी मा कु पिल्ल
तु कन भली लगदी ,, मै त्वेते बतोलु !!
!!तेरी चूड़ियो भरी हाती कनि खन खन खनकदी
तेरी हेंसदी मुखड़ी जन अंधेरा मा धर्ययु दियु (दिया )जले द्यूलु !!
!! तेरा 16 श्रृंगार त्वेते भला दिखांदा
त्वे पर नजर न लगे केकी मी लूण मन्त्रलु !!
!! तु साथ रह मेरा प्यारी मी त्वेते घूमोलु
16 श्रृंगार दिलेकी,, चटी चौड़ी भी खिलोलु !!
!! सातों जन्म प्यारी मी त्वेते खोजलु
हर जन्म तु ही मिली यन विनती करलु !!
लेखक - हिमांशु,, शीर्षक - मेरी प्यारी
©himanshup
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