साथ चलते हुए, दो मन एक
जब हंसते हैं, तो दुनिया भी खिल उठे
जब रोते हैं, तो आंसू बांटते हैं वे
कभी बिना शब्दों के, कभी लंबी बातों में
एक दूसरे को समझते हुए, बिना किसी पाट में
जीवन की हर उतार-चढ़ाव में
हाथ थामे रहते हैं, हर पल साथ में
साथ चलते हुए, दो मन एक
जब हंसते हैं, तो दुनिया भी खिल उठे
जब रोते हैं, तो आंसू बांटते हैं वे
कभी बिना शब्दों के, कभी लंबी बातों में
एक दूसरे को समझते हुए, बिना किसी पाट में
जीवन की हर उतार-चढ़ाव में
हाथ थामे रहते हैं, हर पल साथ में