मित्रता

साथ के धागे, जो कभी न टूटे
हृदय में बंधन, जो कभी न छूटे

कभी हंसी में, कभी आंसू में
तुम रहे हमेशा, हर पल, हर पास में

बिन शब्दों के, बस एक नज़र में
समझ जाते हो सारी व्यथा मेरी

जब दुनिया भूले, तुम थामो हाथ
मित्रता तुम्हारी, जीवन की राह