मित्रता

जब जीवन में छाए अंधेरे,
तुम बने हो मेरे सहारे

बिन शब्दों के भी समझ लेते हो,
हर दुख-सुख को बाँट लेते हो

कभी हँसी, कभी आँसू साझा,
तुम्हारा प्यार है मेरा नाज़ा

झगड़े होते, फिर मना लेते,
एक दूजे को मन से चाहते

जैसे धागा जोड़े मोती,
मित्रता है अनमोल कहानी