मित्रता का आंचल

कभी धूप में छांव सी मित्रता,
कभी तूफान में साहस की बातें।
अदृश्य धागों से बुनी यह कथा,
जहाँ खुशियों का होता है राजपाट।

हर ठोकर पर हाथ थामे वो,
हर गम में साथ निभाए।
मित्रता है वो मिठास,
जो जीवन की कड़वाहट मिटाए।

बंधन नहीं, आज़ादी है मित्रता,
हर पल, हर लम्हा साझा करने का नाम।
मित्रता, एक अनकही समझ,
जो जुड़ जाती है दिल से दिल के धागे से।