मित्रता का आंचल

एक धागे में पिरोई गई,
मित्रता की मिठास।
जो खुशियों में बांधे रखे,
दुःख में हो आस।

ना कोई शर्त, ना बंधन,
बस एक विश्वास।
सांझ सवेरे, ख्वाब नज़ारे,
साथ चलें हमेशा पास।

एक दूजे की हंसी में,
खो जाए अपना सब कुछ।
मित्रता का यह आंचल,
बना रहे, अटूट अनमोल सुख।