मित्रता का सफर

मिले राह में एक दिन, यूँ ही बेवजह,
जैसे बारिश में मिल जाए एक छत।
अपनेपन का एहसास, गर्मी में ठंडी हवा का झोंका,
मित्रता का यह सफर, बिन कहे सब कुछ कह जाता।

खुशियों के फूल, दुःख की बारिश में भी,
हमेशा साथ निभाता एक दोस्त का हाथ।
कभी राजदार, कभी सलाहकार,
मित्रता की यह डोर बंधी अनोखे विश्वास से।

बिना शर्तों के संबंध, ढलते सूरज की तरह सुंदर,
मित्रता है अनमोल रतन, इसे संजोए रखना।
क्योंकि यही वह खुदाई है, जो जीवन भर साथ निभाती,
मित्रता, जीवन की सबसे खूबसूरत सच्चाई।