मित्रता वह पुस्तक है, जिसके पन्ने कभी खत्म ना होते,
हर मोड़ पर नयी कहानी, नई सोच के सपने बोते।
यह है वो सुखद छाया, जहाँ दुख के बादल छंट जाते,
मित्र की एक मुस्कान में, सारे गम कहीं खो जाते।
मित्रता है अनमोल धरोहर, जिसे पल्लवित करना पड़ता,
कभी खुशियों के फूल, कभी समस्याओं का काँटा।
जैसे वर्षा से भीगी मिट्टी, मित्रता की महक अद्वितीय है,
इसके बिना जीवन का रंगमंच, सच में बड़ा शून्य है।
आइए, संजोए इसे अपने दिल में, निभाएं इस पवित्र बंधन को,
मित्रता के इस पथ पर, चलें साथ में, बनाएं स्मरणीय जीवन को।