जैसे सावन की पहली बरसात,
इसका अहसास है बेमिसाल।
खिलखिलाहट, आंसू, कहानियां,
साझा की हर एक याद।
मित्र कहते हैं हम एक दूसरे को,
क्योंकि साथ हैं हम हर राह।
विश्वास की मजबूत नींव पर,
टिकी यह खूबसूरत इमारत।
मित्रता, न जरूरत है अल्फाजों की,
न ही गिफ्ट्स की वाह-वाह।
बस एक नजर, एक मुस्कान,
समझे बिन कहे हर बात।
जब दुनिया सारी हो खिलाफ,
मित्र ही बनते हैं सहारा।
इस जीवन की राह में,
मित्रता है सच्चा किनारा।