धन्यवाद दे प्रभु को आज
मानव जन्म दिया जिसने आज
विद्या विनय विवेक विकास
मानव मन में होती है शक्ति अपार
सोचे समझे करें विवेक
प्राप्त करें मन की शक्ति से लक्ष्य अनेक
भावना में बसते हैं भगवान
शुद्ध करें मन की भावना आज
मानव जीवन का लक्ष्य है एक
खोलें सृष्टि के राज अनेक
मेरे जीवन का लक्ष्य एक
परोपकार करूं मैं प्राणियों पर अनेक
होते हैं प्रभु के दर्शन अनेक
देता हूं उपदेश परोपकार के अनेक
✍️विनय कुमार पटेल "सरल"
अंजनिया
©vinay1001
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