आज मंदिर बना है तो कल फिर मस्जिद का भी निर्माण होगा।
मंदिर में घंटियां बजी है तो मस्जिद में भी अज़ान होगा।
हिंदुओं के लिए त्योहार तो मुसलमानों के लिए भी जश्न होगा।
और फिर से राम और अल्लाह में जमीनों का बँटवारा होगा!!!
ऐ इंसान तू बता तू कब जाकर सुधरेगा???
जिन्होंने दुनिया बनाई उनमें बँटवारा कब तक करेगा???
यक़ीनन नहीं चाइये होगी उन्हें मंदिर और मस्जिद की मीनारें।
इंसानियत चारों ओर होती तो वो उसमें ही खुश हैं।
लेकिन तुझे तो ठेकेदार बनना है दुनिया को विभाजित करने के लिए?
पर इक बारी जमींदार से तो पूछ लेता उन्हें क्या चाइये।
©dreamgirl
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