R ramesh_29 hi 23 जुलाई 2025 मंजिल बेहतर से बेहतर कि तलाश करो।मिल जाये नदी तो ,समंदर कि तलाश करो।टूट जाता है शीशा ,पत्थर कि चोट से।टूट जाये पत्थर ,ऐसा शीशा तलाश करो।©ramesh_29