मुक़ाबला
मुक़ाबला हालातों से हो, या अपने ही डर से,
जीत उसी की होती है, जो लड़े पूरे जिगर से।
आंधियाँ रोकें राह अगर, तू रुकना मत बीच में,
चिंगारी बनकर जल उठ, अपने हर एक ख्वाब के खींच में।
गिरना भी है सफर का हिस्सा, ये बात समझ ले तू,
हर ठोकर सिखाती है, खुद को और मज़बूत कर ले तू।
मुक़ाबला दूसरों से कम, खुद से ज़्यादा करना है,
हर दिन एक नई जीत का, हौसला दिल में भरना है।
जब थक जाए ये कदम, तो हिम्मत को आवाज़ दे,
तू ही अपनी ताकत है, खुद पर थोड़ा विश्वास दे।
मुक़ाबला ही जीवन है, ये खेल नहीं आसान,
जो डटकर खड़ा रहा, वही बनता है महान।
अगर चाहो तो मैं इसे और छोटा, या और ज़्यादा भावुक/रैप स्टाइल में भी बना सकती हूँ 🙂
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