S shuklag hi 23 जुलाई 2025 Na Jane Kab न जाने कब तुझसे फिर से मुलाकात होगी , जो दिल में रह गई दबी कब वो पूरी बात होगी , अब तो वक्त भी हम पर मेहरबान होना छोड़ दिया है , लगता है , आगे भी दिन अधूरे और तन्हाइयों से घिरी अब हर रात होगी...... ।😢💔😢💔😢©shuklag