S

Na Jane Kab

न जाने कब तुझसे फिर से मुलाकात होगी ,
जो दिल में रह गई दबी कब वो पूरी बात होगी ,
अब तो वक्त भी हम पर मेहरबान होना छोड़ दिया है ,
लगता है ,
आगे भी दिन अधूरे और तन्हाइयों से घिरी अब हर रात होगी...... ।
😢💔😢💔😢
©shuklag