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ना जाने

नीला है गगन जो अंबर जैसा है,
ये मत पूछो हमारा हाल कैसा है ।
वख्त ये इम्तिहान का ना जाने कैसा है,
एक तरफ कुआं और एक तरफ खाई जैसा है।
बस ये मत पूछो हमारा हाल कैसा है,
दो दिन के है इम्तिहान फिर हमारा हाल पहले जैसा है।
©jatindagar