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nanhe mehman ka ana

मेरे मन में, एक हल्की सी फुहार छा रही है , सारे दर्द को हर लेने वाली, दर्द से भरी खुशियों का एहसास दिला रही है ।
उसके आने की खुशी में , मन इतना खो गया है , कुछ और होश ही नहीं, कहां क्या हो रहा है,
लोग बेटी को बहुत समझते हैं,
लेकिन मेरा दर्द हरने, मेरी नन्ही गुड़िया आ रही है ।
गोद में खेलेगी , बाहों में झूलेंगी, देख कर मुझको, उसका हल्के से मुस्कुराना, यही अदा तो,
बस यही अदा तो उसकी, मेरी सारी पीड़ा हर लेगी।
मैं भी हर उलझन से छूट, उसी में उलझ जाऊंगी, उसी का रोना, उसी की हंसी, उसके अलावा कुछ कहां सोच पाऊंगी ।
इतनी खुशी, जब मन में आने से है , रखे यह कदम दुनिया में , तो सोचो कितनी खुशियां लाने वाली है । एक एहसास ही गुदगुदा गया,
कि,
शायद अब नन्ही प्रतिभा आने वाली है।।।।
written by Amit Ki Pari❤
©Pratibha M