वो दोस्ती नहीं, संगीत का एक राग है,
जहां खुशी भी गुनगुनाती, दुःख भी बहाना भूल जाता।
चाहे बादल हों घनेरे, या सूरज की किरण फैले,
उनकी मित्रता में हर पल, एक नया वादा मिले।
वो साझा करते हैं हंसी, आंसू, और कुछ पागलपन के किस्से,
मित्रता की इस कहानी में, हर रोज नए रंग भरे।
जब एक दूसरे की धड़कन में बसते हैं,
तब मित्रता से बढ़कर कोई रिश्ता नहीं होता।
ये जोड़ी है अनोखी, प्यार और समझ की,
जहां शब्दों की नहीं, बस दिलों की भाषा बोली जाती।
मित्रता, वो पाक बंधन, जो हर तूफान को पार कर जाए,
क्योंकि ये मानता है हमारे सपने, और ज़िन्दगी की हर उड़ान को साकार कराए।