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नकाब

"ज़िन्दगी हसीन बन चुकी थी आपके आने से,
अंगारे फुल बन चुके थे आपके छू ने से,
नफ़रत भी मोहब्बत में बदल गई,
पर नकाब तो हटाया ही नहीं था हमने,
आपके दगाबाज चहरे से।"
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