नोएडा शहर आज सुनशान है,
बड़ी-बड़ी गगन चुंबी ईमारत बेजुवान है;
इंसान आज इंसान से काफी दूर है,
जहाँ देखो कोराना के हीं कोहराम है!
नोएडा शहर के सारे पार्क आज मौन है,
जहाँ गुंजती थी बच्चों की किलकारियाँ,
जहाँ चहल पहल हमेशा रहते थे मानवों के,
आज वहाँ खामोश है सारी तितलियाँ!
नोएडा शहर के सारे बंद हैं आज कम्पनियाँ,
जहाँ लगते थे सामानों की कीमत की बोलियाँ,
जहाँ मेहनतकस मजदूरों की होती थीं वाहवाहियाँ,
आज कोरोना के वजह से नहीं मिलती है मजदूरों को यहाँ रोटियाँ!
नोएडा शहर में आज चली गई सारी खुशियाँ,
जहाँ पीऽऽप की आवाज से गुंजती थी अनेकों गाड़ियाँ,
वहाँ आज सारे मंजर उदास है, कहती है शहर की सारी गलियाँ, आज भय का मातम है शहरों में,
कह रही है मानवों के हरेक कस्तियाँ,हरेक बस्तियाँ!!
----------- संदीप कुमार "संजन"
भगवानपुर,अररिया,बिहार
!!---------------------+-------------------!!
©skmahto
S