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"पाप के भागी"!

जब कोई मनुष्य,पाप करता है तो वो अपने साथ-साथ अपने परिवार और अपने से जुड़े लोगों को भी पाप का भागी बना देता है!
प्रियाप्रिंसेस पवाँर
स्वरचित,मौलिक
सर्वाधिकार सुरक्षित
द्वारका, नई दिल्ली78
©Priyaprinc