हमारी खुशी में वो मुस्कुराते है,
हमारी कामयाबी बन वो झलकते हैं,
कभी हम रुके,
तो हमारे बढ़ते कदमों में वो चलते है,
मां की ममता के साथ, धैर्य की मूरत वो बनते हैं
पापा, हमारी ढाल बंन खड़े रहते हैं ॥
खुद के आंसुओं को छुपाकर,
हमे हसना सिखाते हैं,
हमारी तरक्की सारी दुनिया को बतलाते है,
अपनी मेहनत को वो यूंही छुपा लेते हैं,
हम एक चीज मांगे वो दस लाके देते हैं,
पापा हमारी हर जीद़् पुरी करते हैं ॥
वक्त के साथ वो खुद भी दौडते है,
बच्चों के लिए कई बार भूखे भी सोते है,
कभी कभी तो बुरे वक्त को अपना लेते हैं,
माँ जितना प्यार हमारे पापा भी करते हैं ॥
बेटियों को सिर झुका कर नही,
तो सीर उठाकर चलना सिखाते हैं,
मुश्किलों को वो खुद हि सुलझाते हैं,
अपने खाने से पहले हमे खिलाते हेैं,
हमारी थोडी तब्बेत क्या खराब हो जाए,
दिन रात एक कर देते हैं,
पर अपने दर्द को, किसी से बया नहीं करते,
पापा हर वक्त हमारे लिए जीते हैं ॥
उनकी कमी तो खुदा भी पूरी नहीं कर सकता,
पापा की जगह कोई दुजा नहीं ले सकता,
जिंदगी को दूसरा मौका नहीं मिलता,
पापा के बिना तो हमारा जीवन नहीं चलता॥
वो अगर साथ ना हो,
तो इस दुनिया में सब कुछ अधुरा लगता है,
पापा के बिना वक्त मायुसी भरा दिखता है ,
मांगने से मिले वो खुदा कहलाते हैं,
ना मांगे मिले वो खुदा से बढकर" पापा" कहलाते है॥
©suaraksha
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