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pahad (पहाड़)

अगर मैं लिखूँ चारों धाम तो तुम
उतराखंड समझ जाना.
अगर मैं लिखूँ सादगी
तो तुम पहाडों के लोगों को समझ जाना
अगर मैं लिखूँ मोहब्बत तो
तुम फौजी और फौजन को समझ जाना.
और अगर मैं लिखूँ सुकून तो
तो तुम सीधे पहाडों की ओर चले आना
©Anubhatt