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फौजी

कहते हे लोग यही फौजी की नौकरी ही सही
पर असान नहि होता फौजी कहलाना।
देश के नाम पूरी जिन्दगी कर देना
वतन के लिये अपनी जान दे देना
कफन नहि तिरंगे मे लिपट कर आना
आसान नहि होता हे फौजी कहलाना।
सरहद पर जान की बाजी लगाना
अपने परिवार से दूर रहेना
खाने पीने का नहि हे ठिकाना
आसान नहि होता फौजी कहलाना।
फौज मे जाने के लिये भी टुट मर
कर महेनत करनी पडती हे
फिर भी बोहत सी मुश्केली मिलती हे
आसान नहि होता फौजी कहलाना।
ना दिन रात का पता हे
देश की सेवा करने की चाहत हे
सिफ दो पेरो खडे का पता हे
आसान नहि होता फौजी कहलाना ।
©mr.guruji