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❤️❤️❤️

सुनो! अब ये इज़हार नहीं होता
ये आंखें इतनी थक चुकी
कि अब इंतजार नहीं होता
शायद! मेरे लिए तुम इतने ज़रूरी न होते
अगर हमें तुमसे कभी कोई प्यार न होता
©poet.abhay