प्रेम वह सुगंध है जो हवा में घुल जाती है,
वह धूप है जो बर्फ़ पर पिघल जाती है।
विरह, वह रात है जो चाँद को तरसती है,
वह नदी है जो सागर से मिलने को हर्षती है।
प्रेम का संगीत है, जो दिलों को छू लेता है,
विरह का सन्नाटा, जो रूह तक रूला देता है।
प्रेम वो रंग है, जो जीवन को खूबसूरत बनाता है,
विरह वह छाया है, जो इसे और गहराता है।
दोनों मिलकर, कहानी जीवन की सुनाते हैं,
प्रेम और विरह, जीवन के दो अनिवार्य साथी बन जाते हैं।