प्रेम की वो गलियाँ जहाँ सपने बिखरे पड़े हैं,
छोड़ आए हाथों की वो गर्माहट जहाँ कभी थमी नहीं।
विरह की वो रातें जब चाँद भी रूठ जाया करे,
दिल की वीरानी में भी तेरा नाम मेरी साँसों में घुला करे।
प्रेम है जैसे दिन की उजास, बिन कहे सब कुछ बयाँ कर जाए,
विरह है वो अंधेरा, जो हर खुशी को साए में छिपाए।
फिर भी, उम्मीद की वो रोशनी, जो प्यार को जगाये रखे,
प्रेम और विरह के बीच, जीवन की सुंदरता बिछाये रखे।
हर दर्द में भी मुस्कुराहटें, हर खुशी में भी आंसू पाए,
विरह प्रेम को मजबूत करे, जैसे परखे बिना कोई ने मोती न पाए।
प्रेम की वो गलियाँ, और विरह की वो रातें,
जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई है, और हमेशा साथ