R rjgarg hi 23 जुलाई 2025 प्रकृति आज बाहर जाकर देखा तो नजारा कुछ अलग सा था,पिंजरे में सांस लेने वाले परिंदे आजाद थे और प्रकृति पर अपना हक जताने वाला मानव घर की चारदीवारी में बेचैन सा था।©rjgarg