सूरज की पहली किरण में छिपा,
एक अनकहा संदेश,
बीते हुए कल की चिंता को,
दूर करे एक नई शुरुआत के संगेश।
हरियाली में लिपटी धरती,
आसमान नीली चादर ताने,
फूलों का रंग, खुशबू से भरा,
प्रकृति कहे, सुंदरता के गाने।
नदी की कलकल, पहाड़ों की शांति,
पेड़ों की सरसराहट में छुपा जीवन,
चिड़ियों का चहचहाना, भोर की लालिमा,
प्रकृति की इस अद्भुत सुंदरता में, बस एक सजीवता।
हर मौसम का अपना रंग,
बारिश की बूँदों में छिपा मिट्टी का संगित,
सर्दी की धूप, गर्मी की छाँव,
प्रकृति ने सजाया हर पल, हर रंग अनोखी छाव।
इस अद्भुत सृष्टि में, हर कोना खास,
चलो, संजोएं इस क्षण को, बनाएं यह पल आबास,
प्रकृति की सुंदरता में