प्रकृति का अनुपम गान

नील गगन में उड़ते पंछी,
संगीत बन जाते हैं ये वृक्षी।
धरती की हरी चादर तले,
जीवन के मिलते हैं सब रंग-रेखे।

नदियों की चंचल कल-कल धारा,
बहता हुआ संगीत सारा।
पहाड़ों की ऊंचाई बताती,
कैसे सपने होते हैं पारावार।

सूर्योदय की पहली किरण,
आशा का संचार करती हर जन।
संध्या की लालिमा में छिपी,
विदाई की मीठी सी धुन।

प्रकृति का हर कण-कण में,
छुपा हुआ एक अद्भुत विज्ञान।
जीवन की इस अद्भुत यात्रा में,
प्रकृति है सबसे बड़ा वरदान।