जब तक सांस है तब तक जीवन है
सांस कर अपना जीवन रुक जाता
जीवन तो माता-पिता का दिया है
यह निशानी है माता पिता के प्रेम की
और यह निशानी है मां के त्याग की....
तुम्हारे मां के गर्भ में धड़कन ना होना
माता-पिता की चिंता बढ़ा देती थी
तुम उनके लिए संघर्ष कर रहे जो नहीं
उनके लिए कभी नहीं जो तुम्हारे हैं
और यह निशानी है मां के प्यार की.....
सच बोलूं या झूठ तुम मां के रक्त की बूंद
तुम्हारी सांसों से हक मां का ज्यादा है
तुम्हारे आजीवन आकार दिया आंचल है
तुम्हारे लड़ने की क्षमता मां का शौर्य
और यह निशानी मां के स्नेह की......
प्रकृति का पहला नियम है जो संघर्ष करेगा
प्रकृति का दूसरा नियम है जिंदा वही रहेगा
प्रकृति का तीसरा नियम है कोई कमजोर नहीं
चौथा नियम प्रकृति का तुम एक अंश हो
ब्रह्मांड को तुमने मां की आंचल से देखा है
©lawnishtha
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