प्रकृति की मोहक छाया

नीले आकाश के नीचे, सुनहरी धूप में नहाया
प्रकृति का अद्भुत दृश्य, दिल को गहराई से छाया

सुंदर पुष्पों की महक, हवा में तैरते संगीत में बसा
पेड़ों का सुस्वागतम, चिड़ियों की चहचहाहट में खसा

नदी की कल-कल ध्वनि है संगीतमय,
प्राकृतिक हरियाली में छिपा जीवन का भव्य साय

पहाड़ों की ऊंचाई, बादलों से बातें करती
प्रकृति की इस सुंदरता में, मन खो जाने को हरती

सूर्योदय की लालिमा, सूर्यास्त का नारंगी विलास
प्रकृति का यह विशाल खेल, हर दिन, हर रात, बिना किसी विरास

इस प्राकृतिक सौंदर्य में खो कर, मन को मिलता आराम
प्रकृति की इस सुंदरता का, करें हम सब सम्मान