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पतंग

परो से नहीं , हौंसला से उड़ान भरते हैं,
आंधियों में भी पतंग उड़कर हमें कहते हैं!
ठान लो तो दुनियाँ तेरी मुट्ठी में है,
उड़ती हुई पतंग हमें अपनी जुनून से कहती है!!
©skmahto