धूल भरी एल्बम में, रंग उड़े हुए
यादों के पन्ने, मुस्कुराते हुए
चेहरे जो अब धुंधले से लगते हैं
हर एक फोटो में कई कहानियाँ सजते हैं
बाल अभी काले थे, मुस्कान मासूम
समय के पीछे छूटे हुए, एक पुराना मौसम
कभी खिली हुई आँखें, कभी बचपन की शरारत
पुरानी तस्वीरों में जैसे, जमी हुई हर स्मृति की सरगम