धूल भरी एल्बम में, मुस्कान के निशान
रंग फीके, याद के पन्ने, जैसे पुराने गान
कभी हँसते चेहरे, कभी गंभीर नज़र
हर फोटो में छिपा है एक अनकही सफ़र
माँ की साड़ी, पिता का चश्मा, बचपन के खिलौने
समय के पीछे छूट गए वो प्यारे पल पुराने
कागज़ पर जमी हुई, एक पीली स्याही सी
ये तस्वीरें हैं जैसे जीवन की कही अधूरी कही