धूल भरे एल्बम में, मुस्कुराते चेहरे
कभी के लम्हे, अब हैं बस स्मृति के सहेरे
कागज पर जमी रंगत, थोड़ी फीकी सी
हर फोटो एक कहानी, हर याद अनोखी
माँ के हाथों में बच्चा, पिता का गर्व भरा चेहरा
दोस्तों के संग मिलन, जो अब रहा न वेहरा
कालिख चढ़ी किनारों पर, स्याही धुंधली सी
हर तस्वीर एक इतिहास, हर क्षण अनमोल वही