धूल भरी अल्बम में, मुस्कुराते चेहरे
याद की राहों पर, बिखरे हुए नग़मे
कभी हंसते, कभी रोते हुए
एक पल में जैसे रुका समय
फीके रंग, मुड़ी किनारें
कहते हैं कितनी कहानियां
हर फोटो में एक दुनिया बसी
जो अब सिर्फ यादों में जीवित है
धूल भरी अल्बम में, मुस्कुराते चेहरे
याद की राहों पर, बिखरे हुए नग़मे
कभी हंसते, कभी रोते हुए
एक पल में जैसे रुका समय
फीके रंग, मुड़ी किनारें
कहते हैं कितनी कहानियां
हर फोटो में एक दुनिया बसी
जो अब सिर्फ यादों में जीवित है