पुरानी तस्वीरें

धूल भरे ऐल्बम के पन्नों में छुपी,
पुरानी तस्वीरें, सुनाती बीते लम्हों की कहानी।

खिलखिलाती वो मुस्कानें, अनकहे जज्बातों के निशान,
हर चित्र कहे, "जीवन था कभी यूँ भी, बिना किसी अफसानी।"

रंग फीके पड़ गए, पर यादें अब भी ताजी,
हर चेहरे की मुस्कान, जैसे कहे कोई पुरानी बाजी।

ये तस्वीरें नहीं, बल्कि वक्त के खोए पड़ाव हैं,
चित्रों में बसा, वो प्यार, वो रिश्ते, वो नये और पुराने राग हैं।

फिर से पलटें ये पन्ने, तो जी उठी वो बातें,
पुरानी तस्वीरों में छिपी, जीवन की सुनहरी यादें।