एक पुरानी तस्वीर में छिपी,
बीते कल की सुनी गाथा।
रंग फीके पर यादें ताज़ी,
जैसे बीता हुआ वो साथा।
उंगलियों से छू लूं जब उसे,
खिल उठती हैं जो पुरानी बातें।
धुंधली सी उन आंखों में,
आज भी संजोये हैं कितने जज़्बातें।
हंसी की वो ठहाके,
आंसुओं की वो बरसात।
पुरानी तस्वीरें सुनाती हैं,
जीवन की अद्भुत सौगात।
जब भी देखूं इन्हें,
ले जाती हैं वापस उस दौर में।
जहां हर चेहरा था बेफिक्र,
और हर पल था ख़ास और में।
पुरानी तस्वीरों में बसी,
उन यादों को लिए चलें।
अपनी नई कहानियों में,
उन लम्हों को साथ में लिए चलें।