उन पुरानी तस्वीरों में छिपी,
कहानियाँ बेशुमार मिली।
वह हंसी, वे आँसू बिखरे,
मानो जीवन के प्रतिपल ठिठुरे।
आँखें खो जाती हैं उनमें,
ढूँढ़ती पुराने जहान के नजराने।
हर रंग, हर खुशबू बसी,
पलों की ये गवाही जैसी।
चेहरों पर नामालूम खुशियाँ,
और गलियों में गुम हुए लोग अनजान।
ये पुरानी तस्वीरें न केवल कागज,
बल्कि बीते हुए कल का एक जीवंत प्रमाण।
छू लें, तो छूट जाता है जादू,
एक खिड़की, जहाँ से पुनः जीवन बातें करतू।